Hindi Typing | Free Hindi Type | Easy Hindi Typing | Hindi Typing Test

Alt Code for Special Hindi Character 

Some Hindi Characters and Symbol are not available on the keyboard, they are typed by using special character code. The Code is a combination of ALT key like (ALT + 0197) and some numeric value. These Hindi Typing shortcut Keys are frequently used in during typing. Without learning them we can't complete the learning. Kruti Dev or DevLys Font Mangal Font and Remington/ typewriter Keyboard Hindi Key Code

Hindi Typing में use होने वाले Special Characters and Symbol के codes के बारे में बताऊंगा. कुछ special Characters Alt key के Combination से बनते है तो कुछ बिना ALT key codes के बिना भी बनते है. ये जो ALT key codes है वो Kruti Dev 010 और Devlys 010 दोनों fonts के लिए है.

Hindi Typing Symbol / Code with ALT Keys

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Hindi Inscript Keyboard Character Code Combination – GKMirror.com

Alt Code for Special Hindi Character 

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इंटरनेट क्या है – What is Internet in Hindi – Computer Hindi Notes – GKMirror

 

Internet एक दुसरे से जुड़े कई कंप्यूटरों का जाल है जो Router एवं Server के माध्यम से दुनिया के किसी भी Computer को आपस में जोड़ता है. दुसरे शब्दों में कहे तो Internet सूचना तकनीक की सबसे आधुनिक System है। Internet को आप विभिन्न Computer Network का एक विश्व स्तरीय समूह Network कह सकते है।  इस Network में हजारों और लाखो Computer एक दुसरे से जुड़े है। साधारणत: Computer को Telephone Line द्वारा Internet से जोड़ा (Connect) जाता है। लेकिन इसके अतिरिक्त बहुत भी बहुत से साधन है। जिसमे Computer Internet से जुड़ सकता है।

What is Internet in Hindi | Father of Internet | GK Mirror

सूचनाओ के आदान प्रदान  करने के लिए TCP/IP Protocol के माध्यम से दो Computer के बीच स्थापित सम्बन्ध को internet कहते हैं. इन्टरनेट विश्व का सबसे बड़ा नेटवर्क है.

Internet किसी एक Company या Government के अधीन नही होता है, अपितु इसमें बहुत से Server जुड़े हैं, जो अलग अलग संस्‍थाओं (Institution) या Private Company के होते हैं। कुछ प्रचलित Internet Service जैस gopher, file transfer protocol, World wide web (WWW) प्रयोग Internet मे जानकारीयॉं प्राप्‍त करने के लिए होता हैं।

इंटरनेट का उपयोग (Use of Internet)

  • संप्रेषण के लिए -To Communicate
  • खोजने के लिए – To Search Information
  • मनोरंजन के लिए – To Entertainment
  • खरीदी के लिए – To Shopping
  • शिक्षा के क्षेत्र में – In Education

 

  1. संप्रेषण के लिए -To Communicate

Internet का सबसे अधिक उपयोग हम एक दूसरे से सम्पर्क साधने (Contact) के लिए करते है. Internet के द्वारा हम कभी भी और कहीं भी शीघ्रता से अपने चाहने वालो को Message Send एवं Receive कर सकते है. Internet पर Message भेजने का एक तरीका E-mail है.

Example : Gmail, Facebook, Whatsapp etc.

  1. खोजने के लिए – To Search Information

Internet को विकसित ही इसलिए किया गया था. आज से पहले कभी भी इस प्रकार सूचनाए (Information) प्राप्त करना आसान नही था. लेकिन आज हम Internet के माध्यम से दुनिया (World) के किसी भी कोने से जानकारीयाँ (Information) प्राप्त कर सकते है और वो भी कुछ सैकण्डों में. हम दुनिया के हर कोने की खबर (News) घर बैठे अपने Computer पर ले सकते है. Internet में सूचनाए खोजने के लिए Search Engine (Google, Yahoo, Bing, Ask, Duck Duck Go, YouTube etc. का उपयोग किया जाता है.

  1. मनोरंजन के लिए – To Entertainment

Internet का उपयोग मनोरंजन (Entertainment) के साधन के रूप में किया जाता है. मनोरंजन (Entertainment) के क्षेत्र मे विकल्प असीमित है. इसके माध्यम से हम Movie/Films, Song, Video, MP3, Image/Picture आदि को देख तथा सुन सकते है. इसके अलावा हर वक्त का मनोरंजन Video Game कि दुनिया तो हमारे लिए हर वक्त खुली होती है.

  1. खरीदी के लिए – To Shopping

इसे ई-व्यापार (E-commerce) कहते है. Internet के माध्यम से बाजार (Market) को घर से ही देखा जा सकता है और अपना सामान खरीदा (Purchase) जा सकता है. हम Internet के द्वारा घर बैठे ही किस दुकान (Shop) पर कौन सा सामान है और कौन सा नही तथा उस सामान के ढेरो विकल्प (Option) एक साथ देखकर पसंद (Like) से अपना सामान खरीद सकते है. इसके अलावा Famous Fashion को जान सकते है.

  1. शिक्षा के क्षेत्र में – In Education

इसे E-learning (ई-शिक्षा) कहते है. यह क्षेत्र तेजी से बढ रहा है. आज Internet के माध्यम से हम घर बैठे ही अपने लिए मनपसंद College, School, Tutition, Coaching चुन सकते है. इसके अलावा हमारे पसंद के Course किस College में उपलब्ध है और उस Course के बारे में सारी जानकारी यथा Course Fee, Course Time आदि, यह जानकारी हम अपने Computer पर प्राप्त कर कर सकते है. आज E-Learning का क्षेत्र काफि विकसित हो चुका है. हम घर बैठे ही दुनिया के बेहतरीन Teacher से पढ सकते है.

 

Important Questions

  • Father of Internet -       Vint Cerf
  • Father of WWW  -         Tim Berners-Lee
  • Mother of Internet -      Radia Perlman

Full Form Related about Internet

  • IP : Internet Protocol
  • IPV4 : Internet Protocol Version 4
  • IPV6 : Internet Protocol Version 6
  • ISP : Internet Service Provider

 

  • HTTP : Hypertext Transfer Protocol
  • HTTPS : Hypertext Transfer Protocol Secure
  • HTML : Hypertext Markup Language

 

  • Wi-Fi : Wireless Fidelity
  • MODEM : Modulator Demodulator
  • URL : Uniform Resource Locator Or Universal Resource

 

  • LAN : Local Area Network
  • WLAN : Wireless Local Area Network

 

  • PHP : Hypertext Preprocessor
  • XML : Extensible Markup Language
  • CSS : Cascading Style Sheets
  • ASP : Active Server Pages
  • SQL : Structured Query Language

 

  • IT : Information Technology
  • NET : Internet
  • IP : Internet Protocol
  • AP : Access Point
  • DNS : Domain Name System
  • .COM : Commercial
  • .NET : Network
  • .ORG : Organization
  • .EDU : Educational
  • .GOVGovernmental
  • .INFO : Information
  • .BIZ : Business
  • .BD : Bangladesh
  • .US : United State
  • .UK : United Kingdom

 

What is Linux Operating system in Hindi

 What is Linux (लिनक्स क्या है)

लिनक्स (Linux) एक Operating System है। Linux Open Source Software है यानी Lyrics का कोई भी व्यक्ति अपने काम के लिए Free Use कर सकता है यह अभी तक का सबसे Successful Software माना जाता है आइए जानते हैं

History of Linux (लिनक्स का इतिहास)

Linux) यूनिक्स (UNIX) की तरह ही एक Operating System है तो पहले थोडा सा यूनिक्स (UNIX) के बारे में जान लेते हैं यूनिक्स (UNIX) को 1960 के दशक में AT &T Company जो Electronics and Communication के क्षेत्र में काम करती थी ने अपनी प्रयोगशाला जिसे Bell Laboratories में विकि‍सित किया, यूनिक्स (UNIX) पर AT &T का एकाधिकार था इसलिये इसे बेचा नहीं जा सकता था

What is Linux Operating System

बेल प्रयोगशाला (Bell Laboratories) -

Bell Laboratories को " AT & T Bell Laboratories " के नाम से और "Bell Telephone Laboratories" के नाम से जाना जाता था, अरे ये वही प्रयोगशाला है जिसमें Alexander Graham Bell ने दुनिया को पहला टेलीफोन दिया था, इस प्रयोगशाला में ही First Programming Language का भी विकास हुआ 

इसलिये UNIX को Company ने इसके Main Source Code के साथ Government और University को दे दिया साथ में यह भी कहा कि वह चाहें तो इसके बदलाव कर सकते हैं

सोर्सकोड (source code) क्याहै ?

High Level Language जैसे C++, JAVA में लिखे Programme को Source Code कहा जाता है

UNIX के दशक तक UNIX एक बहुत ही Powerfull Operating System के रूप में उभर कर आया, UNIX में लगातार बदलाव और विकास होता रहा क्योंकि UNIX के Source Code में बदलाव किया जा सकता था और इसके Source Code का भी उपयोग किया जा सकता था, लेकिन UNIX में इसको समझना तथा चलाना मुश्किल था, इसको सरल बनाने के लिये Computer Science के Professor - Andrew S. Tanenbaum ने 1987 में UNIX के उपयोग से एक Open Source Operating System बनाया गया जिसका नाम था MINIX. MINIX यानि Mini - UNIX लेकिन इसमें भी कुछ कमियां बाकी रह गयीं

Linus Torvalds ने MINIX की कमियों को दूर किया और Assembly Language में एक Programme लिखा जिसे नाम दिया गया ‘लिनूस का यूनिक्स’ जो बाद में Linux के नाम से जाना गया. Linux पहला Core या Kernel 1991 में पहली बार Linux Operating System लोगों के सामने आया हालांकि इसे Unix के उपयोग से ही बनाया गया था लेकिन फिर भी से Unix नहीं कहा जा सकता था क्योंकि UNIX AT & T Company का Register Trademark उत्पाद है और Linux को बिल्कुल Free Software के रूप में बनाया गया था

Kernel क्या होता है ? 

Kernel Computer का एक Programme होता है जो Operating System पर पूरा Control रखता है Kernel Operating System का ही एक हिस्सा है. जो Computer के Hardware और Software के बीच में ब्रिज की तरह से काम करता है

 

 

Functions of Operating System | Computer Notes in Hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य (Work of Operating System in Hindi)

Operating System Computer के Resources जैसे Computer Memory, CPU, Hard Disk, RAM, या अन्य Software को Control करता है यह ऐसा पहला Programme है जो Computer के Switch On होने के बाद ROM से Computer के Main Memory में लोड होता है यह प्रक्रिया Booting कहलाती है Operating System User और Hardware के बीच एक Interface प्रदान करता है जिससे User Computer के सभी Hardware Resources Use कर पाता है

Function of Operating System in HindiOperating System के मुख्य कार्यों को इस प्रकार है -

  • रिसोर्स मैनेजमेंट (Resource Management)
  • प्रोसेस मैनेजमेंट (Process Management)
  • डाटा मैनेजमेंट (Data Management)
  • सिक्योरिटी मैनेजमेंट (Security Management)

1. रिसोर्स मैनेजमेंट (Resource Management)

Resource Management के अंतर्गत Operating System Processor Management Memory Management और Device Management करता है -

  • प्रोसेसर मैनेजमेंट (Processor Management) 

Processor यानी CPU (Central Processing Unit) जब आपके कंप्यूटर में कोई Programme Run होता है तो आपके System Resources का इस्तेमाल करता है System Resources में आपके Computer का Processor, RAM तथा Hard Disk का इस्तेमाल किया जाता है अगर आप अपना Task Manager बिना कोई Programme Run किये Open करेंगे तो आपको वहां पर ढेर सारे Programme चलते हुए मिल जाएंगे अब किस प्रोग्राम को कितना Processor मिलेगा और कितने Time के लिए दिया जाएगा यह सब आपका Operating System ही तय करता है  जब आप Computer में कोई Run  करते हैं तो Operating System उसे निर्धारित मात्रा में और निर्धारित समय के लिए उसे  Processor प्रदान करता है और Programme के बंद होने के साथ ही आपके Processor को Free कर देता है अगर वह ऐसा नहीं करेगा तो आपके Processor का 100% Use होना शुरू हो जाएगा और आपका Computer Hang हो जाएगा

  • मेमोरी मैनेजमेंट ( Memory Management )

Computer System में किसी भी Operation को संपादित करने में Main Memory की महत्वपूर्ण भूमिका होती है Computer Structure के अनुसार Memory, Computer का वह भाग है User द्वारा Input किये Data और Process Data को Store करती है, Memory में Data, Information, एवं Programme प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहते है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपलब्ध रहते है CPU Main Memory से सीधे Data Read/Write करता है।

Operating System यह ध्‍यान रखता है कि वर्तमान में Memory का कौन सा हिस्सा किस Processor द्वारा उपयोग हो रहा है तथा जब Programme Terminate होता है, तो Main Memory का Space खाली हो जाता है,जो अगले Programme के लिए उपलब्ध होता है Memory Space उपल्ब्ध होने पर यह निर्णय लेना कि मेमोरी में किन Process को लोड किया जाएगा इसकी जिम्‍मेदारी भी Operating System की होती है

  • डिवाइस मैनेजमेंट (Device Management)

Operating System Input and Ouput Management के कार्य को भी संपादित करता है एवं आपके Computer से जुड़े हुए विभिन्न Input Device and Output Device को आपस में Co-Ordinate करता है साथ ही उनको कार्य भी सौंपता है

जब आप MS Word में Keyboard से CTRL Key दबाकर Print Command देते हैं तो Operating System Keyboard से Input लेता है और Printer को Output Command देता है

2. प्रोसेस मैनेजमेंट (Process Managment)

Process Management के अंतर्गत Operating Systme Job Scheduling और Task Management करता है

  • टास्‍क मैनेजमेंट (Task Management) 

Operating यह भी देखता है एक कौन-कौन सी Application Background में RUn कर रही है किन Application को प्राथमिकता देनी है और किन Application को Stop करना है यह सारे कार्य Task Management के अंतर्गत किए जाते हैं

  • जॉब शेड्यूलिंग (Job scheduling)

आप Computer में एक के बाद एक कई सारे काम करते हैं या Software भी कई सारे चरणों में कार्य करता है तो आपका Operating System ही Decide करता है कि Processor को किस तरह से Schedule किया जाएगा, पहले किस काम में उसको लगाया जाएगा और काम खत्म होने के बाद फिर उसे दूसरा काम सौंप दिया जाता है

3. डाटा मैनेजमेंट ( Data Management )

  • फाइल मैनेजमेंट (File management)

File Managment क्या तात्पर्य उन्हीं Files से है जो आप अपने Computer में MS Word, MS Excel, MS Power Point etc. में बनाते हैं यह सूचनाओं का पूरा Collection होता है और इसे User द्वारा बनाया जाता है यह फाइल Computer के Secondary Memory में स्टोर रहती है और इन सभी File का एक नाम होता है जिससे आप उसे Computer में खोज सकते हैं इन Files को Computer के Secondary Storage में Directory में Save किया जाता है यह Directory आम भाषा में Folder  होते हैं हर File की अपनी Properties होती है जिससे आप यह पता लगा सकते हैं कि वह File किस प्रकार की है और कितना Space Cover करती है Operating System में File Managment के अंतर्गत आप File को Create कर सकते हैं उसे Delete कर सकते हैं Folder को Create कर सकते हैं उसे Delete कर सकते हैं File को Remove कर सकते हैं File का Backup ले सकते हैं

4. सिक्योरिटी मैनेजमेंट (Security Management)

  • टाइम शेयरिंग (Time sharing)

Operating System Compiler, Assembler, or Utilities Program के अलावा अन्य Software पैकेज को Computer पर काम करने वाले अलग-अलग Users के लिए Assign करता है और Co-Ordinate करता है यानी यह Computer System और Computer Operator के बीच Communication को आसान बनाता है

  • सिक्योरिटी मैनेजमेंट (Security Management)

Operating System आपके Computer के सभी Programs के बीच Data Security और अखंडता भी रखता है  वह Computer में Store होने वाले सभी प्रकार के Data और Programe को इस प्रकार से अलग-अलग रखता है कि वह एक दूसरे के बीच Mix ना हो जाए इसके अलावा Operating System में User Security भी होती है जिससे कोई भी व्यक्ति आपके Data को Delete ना कर पाए इस तरह से Operating System आपकी Computer की Security को भी Manage करता है

 

 

What is Operating System in Hindi

What is Windows (विंडोज़ क्‍या है)

Window शब्द आपके कंप्‍यूटर में लाखों बार सुना होता है कि Windows Corrupt गयी है Window Install करनी है या फिर Windows Repair कैसे करें, Windows की CD/DVD कहां मिलेगी तो आखिर क्या है Windows, और आपके Computer में क्या काम करती है आईये जानते हैं विंडोज क्‍या है - What is Windows

Computer Notes in Hindi | Computer Hindi notes

Windows एक System Software होता है जो Windows शब्द का प्रयोग पहली बार Microsoft के GUI (Graphical User Interface) में किया गया था यह भी कह सकते हैं कि Microsoft ने अपने पहले Graphical User Interface Operating System का नाम Windows रखा था

Windows को Microsoft ने बनाया था इस वजह से इस Operating System का नाम Microsoft Windows रखा गया, Microsoft Windows वर्तमान में सबसे Common और ज्यादा प्रयोग किए जाने वाला Operating System है यह पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला Operating System भी है ऐसा मानना है कि दुनिया भर के 90% Computer में Microsoft Windows Operating System ही काम करता है

Windows का अर्थ होता है खिड़कियां वह इसलिए क्योंकि इस Operating System के Graphics चौकोर और आयताकार होते हैं बिल्कुल किसी खिड़की की तरह और जब आप उन्हें Minimize और Maximize करते हैं तो बिल्कुल किसी खिड़की की तरह ही खुलते हैं और बंद होते हैं इसलिए इस Operating System का नाम Windows रखा गया Microsoft के CEO – Bill Gates ने Windows के विकास में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इसे दुनिया का सबसे Famous Operating System बनाया है

विंडोज का इतिहास (History of Windows)

Microsoft ने 1981 में GUI (Graphical User Interface) पर आधारित Operating System पर काम करना शुरू किया और 10 नवंबर, 1983 को Windows का First Version 1.0, Public के लिये जारी कर दिया इसके बाद 1987 में Windows 2.0 और 1990 में विडोंज 3.0 को लांच किया गया इसके बाद Windows के कई Version Launch किये  जैसे Windows 95, Windows 98, Windows NT और Windows XP गये इसमें सबसे ज्‍यादा लोकप्रिय वर्शन रहा Windows XP.

Microsoft ने Windows XP को October 2001 में जारी किया था , जिसने आधुनिक Computer की काया ही बदल दी, इसे चलाना बहुत आसान था, और यह सभी प्रकार के Hardware और Software के साथ आसानी से काम करती थी, Windows XP इन्हीं खूबियों की वजह से लोगों दिलों में एक अलग स्थान बनाये हुए हैं और आज भी Microsoft का सबसे ज्यादा प्रचलित Operating System है Windows XP के बाद केवल Windows 7 और Windows 10 ही सफल रहे है, Windows Vista, Windows 8 एवं Windows 8.1 को आशा अनुरूप सफलता नहीं मिली

Windows 10, जो कि Windows का New Version है, Microsoft द्वारा 2015 में जारी किया गया था और घोषणा भी की है इसके बाद Windows को और कोई Version लांच नहीं किया जायेगा यानि Windows 10 Windows का आखिरी Version है

विंडोज की विशेषता  (Feature of Windows)

Microsoft Windows के साथ काम करना बहुत ही आसान है इसके साथ Computer के दैनिक कार्य करना जैसे Programme चलाना, File Open करना या किसी Command को Run कराना बहुत ही आसान है जब आप अपने Computer का Power Button On करते हैं तो Booting Process के साथ में Windows Operating System सबसे पहले PC (Personal Computer) में Load होता है और कुछ ही समय में यह आपकी Computer का सारा Control अपने हाथ में ले लेता है जब आप किसी भी Software में जैसे कि Microsoft Word में कोई File बनाते हैं और उसे Save करने के लिए Ctrl+S का बटन दबाते हैं तो Windows ही आपको बताता है कि वह File आपको किस Directory में यह किस Folder में Save करनी है

यह आपको अपने कंप्यूटर में Game खेलने की भी अनुमति देता है साथ ही Internet चलाना भी बहुत आसान बनाता है आप अपने Computer को किसी भी तरह से Winwos की मदद से एक Customize कर सकते हैं आप अपने मनपसंद कॉल कर सकते हैं आप Computer में Media Player Install कर सकते हैं आप Computer में कोई भी Music सुन सकते हैं यह सभी प्रकार के हार्डवेयर को Computer में Support करता है.

Important Full Forms of Computer Related Terms – Computer Hindi Notes

Computer Science: Abbreviations - GK Mirror

1GL : First-Generation Programming Language
2GL : Second-Generation Programming Language
3GL : Third-Generation Programming Language
4GL : Fourth-Generation Programming Language
5GL : Fifth Generation Programming Language

A to Z comptuer full form gk mirror

A

ALGOL : Algorithmic Language
ALU : Arithmetic and Logical Unit
ANSI : American National Standards
ARPA : Advanced Research Projects Agency
ATM : Asynchronous Transfer Mode

B

BASIC : Beginner's All-Purpose Symbolic Instruction Code
BCD : Binary Coded Decimal
BIOS : Basic Input Output System

C

CAD : Computer-Aided Design
CC : Carbon Copy
CDMA : Code Division Multiple Access
CD-R : CD-Recordable
CD-ROM : CD Read-Only Memory
CD-RW : CD-Rewritable
CLR : Common Language Runtime
CPU : Central Processing Unit
CRT : Cathode Ray Tube
CU : Central Unit

D

DAO : Data Access Objects
DAT : Digital Audio Tape
DB : Database
DBMS : Database Management System
DDR : Double Data Rate
DHTML : Dynamic Hypertext Markup Language
DLL : Dynamic Link Library
DNS : Domain Name System
DOS : Disk Operating System
DSN : Database Source Name
DTP : Desktop Publishing
DVD : Digital Versatile Disc
DVD : Digital Video Disc
DVD-R : DVD-Recordable
DVD-ROM : DVD-Read Only Memory
DVD-RW : DVD-Rewritable

E

EXE : ExEcutable

F

FAQ : Frequently Asked Questions
FDD : Floppy Disk Drive
FLOPS : Floating-Pont Operations Per Second
FOSI : Formatted Output Specificiation Instance
FS : File System
FTP : File Transfer Protocol

G

Gb : Gigabit
GB : Gigabyte
GIF : Graphics Interchange Format
GPRS : General Packet Radio Service

H

HD : High Density
HDD : Hard Disk Drive
HP : Hewlett-Packard
HTM : Hierarchical Temporal Memory
HTML : Hypertext Markup Language
HTTP : Hypertext Transfer Protocol

I

I/O : Input/Output
IBM : International Business Machines
IC : Integrated Circuit
IE : Internet Explorer
IIS : Internet Information Services
IM : Instant Messaging
IMAP : Internet Message Access Protocol
IP : Internet Protocol
ISDN : Integrated Service Digital Network
ISP : Internet Service Provider
IT : Information Technology

J

JDK : Java Development Kit
JDS : Java Desktop System
JPEG : Joint Photographic Experts Group
JRE : Java Runtime Environment
JS : JavaScript

K

Kb : Kilobit
KB : Kilobyte

L

LAN : Local Area Network
LCD : Liquid Crystal Display
LED : Light-Emitting Diode

M

Mb : Megabit
MB : Megabyte
MS : Microsoft
MS-DOS : Microsoft DOS

N

NIC : Network Interface Controller
NTFS : NT Filesystem

O

OLED : Organic Light Emitting Diode
OS : Open Source
OS : Operating System

P

P2P : Peer-To-Peer
PAN : Personal Area Network
PC : Personal Computer
PHP : PHP: Hypertext Preprocessor
PNG : Portable Network Graphics
POST : Power-On Self Test
PSU : Power Supply Unit

Q

QA : Quality Assurance

R

RAM : Random Access Memory
RGB : Red, Green, Blue (RGBA : Red, Green, Blue, Alpha)
ROM : Read Only Memory
ROM-DOS : Read Only Memory - Disk Operating System

S

SD : Secure Digital
SDK : Software Development Kit
SP : Service Pack
SVG : Scalable Vector Graphics
SVGA : Super Video Graphics Array

T

TB : Tera Byte
TDMA : Time Division Multiple Access
tmp : temporary
TTF : True Type Font
TTL : Transistor-Transistor Logic

U

UPS : Uninterruptible Power Supply
URI : Uniform Resource Identifier
URL : Uniform Resource Locator
USB : Universal Serial Bus

V

VB : Visual Basic
VBA : Visual Basic for Applications
VGA : Video Graphics Array

W

W3C : World Wide Web Consortium
WAN : Wide Area Network
WAP : Wireless Access Point /Wireless Application Protocol
WLAN : Wireless Local Area Network
WWW : World Wide Web

X

XML : eXtensible Markup Language
XP : Extreme Programming
XPI : XP install

Y

Y2K : Year Two Thousand

 

Hindi Typing Code and Special Character Code for Hindi – GK Mirror

Alt Code for Special Hindi Character 

Some Hindi Characters and Symbol are not available on the keyboard, they are typed by using special character code. The Code is a combination of ALT key like (ALT + 0197) and some numeric value. These Hindi Typing shortcut Keys are frequently used in during typing. Without learning them we can't complete the learning. Kruti Dev or DevLys Font Mangal Font and Remington/ typewriter Keyboard Hindi Key Code

Hindi Typing में use होने वाले Special Characters and Symbol के codes के बारे में बताऊंगा. कुछ special Characters Alt key के Combination से बनते है तो कुछ बिना ALT key codes के बिना भी बनते है. ये जो ALT key codes है वो Kruti Dev 010 और Devlys 010 दोनों fonts के लिए है.

Hindi Typing Symbol / Code with ALT Keys

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Different Types of Web Hosting Services (Shared, Dedicated, VPS)

Web Hosting कितने प्रकार की होती है 

Operating System के आधार पर Web Hosting दो प्रकार की होती है 

  1. लाइनेक्स वेब होस्टिंग (Linux Web Hosting)
  2. विंडोज वेब होस्टिंग (Windows Web Hosting)

Computer Notes in Hindi | Computer Network Notes

लाइनेक्स होस्टिंग (Linux hosting) :

जब आपको Web Hosting किसी ऐसे Web Server के Computer पर मिलती है जिसमें Linux Operating System Install होता है तो ऐसी Linux Web Hosting कहलाती है क्योंकि Linux Operating System एक Open Source Software है यानी यह सभी के लिए मुफ्त में उपलब्ध है तो इस Operating Service को देने में Company को कम Cost आती है और यह आपके लिए भी सस्ती होती है

विंडोज होस्टिंग (Windows hosting) :

इसी प्रकार जिन Web Hosting Computers में Windows Operating System होता है Windows Hosting कहते हैं अब क्योंकि Windows Free नहीं है Hosting Company को Windows के लिए License खरीदना पड़ता है इसलिए यह उस दिन Linux Web Hosting के मुकाबले Costly होती है और यही वजह है कि ज्यादातर Blog और Website Linux Web Hosting पर ही Host किए जाते हैं

Website Support के आधार पर Web Hosting 3 प्रकार की होती है - 

  1. Shared Web Hosting
  2. Virtual Private Server
  3. Dedicated Web Hosting

Shared Web Hosting

Shared Web Hosting में एक Server पर एक साथ कई सारी Website की File को Store करके रखा जाता है इसलिए ऐसे यह Shared Web Hosting कहलाती है उस Computer के सभी Resources जैसे Processor, RAM, Hard Disk सभी Website मिलकर use करते हैं इसी वजह से यह Hosting सभी Hosting के मुकाबले सस्‍ती होती है लेकिन इसके कुछ नुकसान (loss) भी है यह तब तक ठीक है जब तक आपकी Website नई है और उस पर आने वाले Visitors की संख्या भी कम है अगर किसी वजह से किसी Website के Visitors की संख्या increase है तो उसका effect और उस Hosting पर Host की गई सभी Website पर पड़ता है यानी अगर कोई एक Webiste धीमी होती है या Down होती है तो सभी Website Down होते जाएंगे Down होने का मतलब है उन सभी Website के Page को खोलने में काफी समय लगेगा, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है यह एक ही Room को कई सारे लोगों द्वारा Rent पर लेने जैसा है

 Virtual Private Server (VPS)

अगर देखा जाए तो Virtual Private Server Share Web Hosting के जैसा ही होता है लेकिन यहां पर एक Server को बहुत सारे Virtual Servers में बांट दिया जाता है जैसे आप अपनी Hard Disk के Partition करते हैं बिल्कुल उसी तरह जिस प्रकार से Partition करने के बाद भी Hard Disk एक ही रहती है उसी प्रकार Virtual Private Server एक ही Server पर Store रहता है यह एक ही घर में अलग-अलग Room के जैसा होता है यह Web Server Share Web Hosting से ज्यादा Secure होते हैं और ज्यादा Traffic को Handle कर सकते हैं

Dedicated Web Hosting

यहां पर एक Website के लिए एक Server अलग से निर्धारित किया जाता है और उसके सारे Resources केवल एक ही Website इस्तेमाल करती है यह Web Hosting बहुत ही ज्यादा Traffic वाली Website के लिए अच्छी होती है जैसे अगर आपकी कोई भी Commercial Website है जिस पर बहुत ज्यादा Traffic आता है तो आप Dedicated Web Hosting को ले सकते हैं क्योंकि आपके लिए एक Server अलग से निर्धारित होता है तो इसकी Cost बहुत ज्यादा होती है