Functions of Operating System | Computer Notes in Hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य (Work of Operating System in Hindi)

Operating System Computer के Resources जैसे Computer Memory, CPU, Hard Disk, RAM, या अन्य Software को Control करता है यह ऐसा पहला Programme है जो Computer के Switch On होने के बाद ROM से Computer के Main Memory में लोड होता है यह प्रक्रिया Booting कहलाती है Operating System User और Hardware के बीच एक Interface प्रदान करता है जिससे User Computer के सभी Hardware Resources Use कर पाता है

Function of Operating System in HindiOperating System के मुख्य कार्यों को इस प्रकार है -

  • रिसोर्स मैनेजमेंट (Resource Management)
  • प्रोसेस मैनेजमेंट (Process Management)
  • डाटा मैनेजमेंट (Data Management)
  • सिक्योरिटी मैनेजमेंट (Security Management)

1. रिसोर्स मैनेजमेंट (Resource Management)

Resource Management के अंतर्गत Operating System Processor Management Memory Management और Device Management करता है -

  • प्रोसेसर मैनेजमेंट (Processor Management) 

Processor यानी CPU (Central Processing Unit) जब आपके कंप्यूटर में कोई Programme Run होता है तो आपके System Resources का इस्तेमाल करता है System Resources में आपके Computer का Processor, RAM तथा Hard Disk का इस्तेमाल किया जाता है अगर आप अपना Task Manager बिना कोई Programme Run किये Open करेंगे तो आपको वहां पर ढेर सारे Programme चलते हुए मिल जाएंगे अब किस प्रोग्राम को कितना Processor मिलेगा और कितने Time के लिए दिया जाएगा यह सब आपका Operating System ही तय करता है  जब आप Computer में कोई Run  करते हैं तो Operating System उसे निर्धारित मात्रा में और निर्धारित समय के लिए उसे  Processor प्रदान करता है और Programme के बंद होने के साथ ही आपके Processor को Free कर देता है अगर वह ऐसा नहीं करेगा तो आपके Processor का 100% Use होना शुरू हो जाएगा और आपका Computer Hang हो जाएगा

  • मेमोरी मैनेजमेंट ( Memory Management )

Computer System में किसी भी Operation को संपादित करने में Main Memory की महत्वपूर्ण भूमिका होती है Computer Structure के अनुसार Memory, Computer का वह भाग है User द्वारा Input किये Data और Process Data को Store करती है, Memory में Data, Information, एवं Programme प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहते है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपलब्ध रहते है CPU Main Memory से सीधे Data Read/Write करता है।

Operating System यह ध्‍यान रखता है कि वर्तमान में Memory का कौन सा हिस्सा किस Processor द्वारा उपयोग हो रहा है तथा जब Programme Terminate होता है, तो Main Memory का Space खाली हो जाता है,जो अगले Programme के लिए उपलब्ध होता है Memory Space उपल्ब्ध होने पर यह निर्णय लेना कि मेमोरी में किन Process को लोड किया जाएगा इसकी जिम्‍मेदारी भी Operating System की होती है

  • डिवाइस मैनेजमेंट (Device Management)

Operating System Input and Ouput Management के कार्य को भी संपादित करता है एवं आपके Computer से जुड़े हुए विभिन्न Input Device and Output Device को आपस में Co-Ordinate करता है साथ ही उनको कार्य भी सौंपता है

जब आप MS Word में Keyboard से CTRL Key दबाकर Print Command देते हैं तो Operating System Keyboard से Input लेता है और Printer को Output Command देता है

2. प्रोसेस मैनेजमेंट (Process Managment)

Process Management के अंतर्गत Operating Systme Job Scheduling और Task Management करता है

  • टास्‍क मैनेजमेंट (Task Management) 

Operating यह भी देखता है एक कौन-कौन सी Application Background में RUn कर रही है किन Application को प्राथमिकता देनी है और किन Application को Stop करना है यह सारे कार्य Task Management के अंतर्गत किए जाते हैं

  • जॉब शेड्यूलिंग (Job scheduling)

आप Computer में एक के बाद एक कई सारे काम करते हैं या Software भी कई सारे चरणों में कार्य करता है तो आपका Operating System ही Decide करता है कि Processor को किस तरह से Schedule किया जाएगा, पहले किस काम में उसको लगाया जाएगा और काम खत्म होने के बाद फिर उसे दूसरा काम सौंप दिया जाता है

3. डाटा मैनेजमेंट ( Data Management )

  • फाइल मैनेजमेंट (File management)

File Managment क्या तात्पर्य उन्हीं Files से है जो आप अपने Computer में MS Word, MS Excel, MS Power Point etc. में बनाते हैं यह सूचनाओं का पूरा Collection होता है और इसे User द्वारा बनाया जाता है यह फाइल Computer के Secondary Memory में स्टोर रहती है और इन सभी File का एक नाम होता है जिससे आप उसे Computer में खोज सकते हैं इन Files को Computer के Secondary Storage में Directory में Save किया जाता है यह Directory आम भाषा में Folder  होते हैं हर File की अपनी Properties होती है जिससे आप यह पता लगा सकते हैं कि वह File किस प्रकार की है और कितना Space Cover करती है Operating System में File Managment के अंतर्गत आप File को Create कर सकते हैं उसे Delete कर सकते हैं Folder को Create कर सकते हैं उसे Delete कर सकते हैं File को Remove कर सकते हैं File का Backup ले सकते हैं

4. सिक्योरिटी मैनेजमेंट (Security Management)

  • टाइम शेयरिंग (Time sharing)

Operating System Compiler, Assembler, or Utilities Program के अलावा अन्य Software पैकेज को Computer पर काम करने वाले अलग-अलग Users के लिए Assign करता है और Co-Ordinate करता है यानी यह Computer System और Computer Operator के बीच Communication को आसान बनाता है

  • सिक्योरिटी मैनेजमेंट (Security Management)

Operating System आपके Computer के सभी Programs के बीच Data Security और अखंडता भी रखता है  वह Computer में Store होने वाले सभी प्रकार के Data और Programe को इस प्रकार से अलग-अलग रखता है कि वह एक दूसरे के बीच Mix ना हो जाए इसके अलावा Operating System में User Security भी होती है जिससे कोई भी व्यक्ति आपके Data को Delete ना कर पाए इस तरह से Operating System आपकी Computer की Security को भी Manage करता है